Kiwi Cultivation : कम समय में मालामाल बना देगी है कीवी, मात्र 2 एकड़ खेत से होगी 12 लाख तक की आमदनी

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Kiwi Cultivation : भारत में उगाए जा रहे विदेशी फलों में कीवी फार्मिंग ( Kiwi Farming ) का बहुत नाम है ! जिसके फायदे देश के हर बच्चे को पता हैं ! एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर कीवी में विटामिन सी, विटामिन ई, फाइबर, पोटैशियम, कॉपर और सोडियम जैसे गुण ( Health Benefits of Kiwi ) होते हैं ! जो इम्युनिटी को मजबूत करते हैं ! बीमारियों के बढ़ते दौर में इस फल की बाजार में मांग ( Market Demand of Kiwi ) भी काफी बढ़ गई है !

यही कारण है कि अधिक कीमत के बावजूद यह फल बाजार में तुरंत बिक जाता है ! कुछ समय पहले तक भारत में कीवी का आयात किया जाता था, लेकिन आज भारत के कई किसान कम लागत पर कीवी की व्यावसायिक खेती ( Commercial Farming of Kiwi ) करके लाखों की आय अर्जित कर रहे हैं ! अगर आप ही लाभ कमाना चाहते है तो इसकी लाभदायक खेती ( Profitable Kiwi Farming ) करे सकते है !

इन राज्यों में उगाएं कीवी

वैसे तो कीवी की जड़ें चीन से जुड़ी हैं, लेकिन भारत में इसकी खपत ज्यादा है ! यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, नागालैंड, केरल, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय आदि के किसान बड़े पैमाने पर कीवी की खेती का बिज़नेस ( Kiwi Cultivation Business ) कर रहे हैं ! आज के समय में किसान सेब की खेती से ज्यादा कीवी फल से मोटी कमा ( Earn Money ) कर रहे हैं !

ये हैं उन्नत प्रजातियां

वैसे तो कीवी की सैकड़ों किस्में पूरी दुनिया में पाई जाती हैं ! लेकिन भारत की जलवायु के हिसाब से हेवर्ड, एबॉट, एलीसन, मोंटी, तुमयूरी और ब्रूनो आदि किस्में किसानों की पहली पसंद बन गई हैं ! कीवी की लाभदायक खेती ( Profitable Kiwi Cultivation ) में यह सबसे उपयुक्त है !

Kiwi Cultivation के लिए खेत की तैयारी

कीवी की खेती की शुरुआत ( Start Kiwi Farming ) सर्दियों के मौसम में की जाती है ! जिसके लिए पौधों की रोपाई जनवरी के मौसम में की जाती है ! कीवी के बागों से अच्छी उपज देने के लिए अच्छी जल निकासी वाली, गहरी, उपजाऊ, दोमट बलुई दोमट मिट्टी सबसे अधिक लाभकारी होती है !

किसान चाहें तो नवोदित विधि, ग्राफ्टिंग विधि या लेयरिंग विधि! की सहायता कीवी के पौधों ( Kiwi Plant ) की रोपाई का कार्य कर सकते हैं ! इसके पूर्व 2:2:1:1 के अनुमान के अनुसार गड्ढों में बालू, सड़ी हुई खाद, मिट्टी, लकड़ी का चूरा और कोयले की धूल आदि डाल दें !

सिंचाई और देखभाल

वैसे तो Kiwi के बागों को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती है ! लेकिन समय पर बागों का प्रबंधन करना फायदेमंद होता है ! विशेष रूप से गर्मियों में कीवी के बागों की वृद्धि के लिए 10 से 15 दिनों के बीच !

  • कीवी की खेती के व्यवसाय ( Kiwi Cultivation Business ) में ड्रिप सिंचाई के माध्यम से पानी देना चाहिए ! सितंबर और अक्टूबर के बीच फल पकने की अवस्था में हल्की सिंचाई की भी सिफारिश की जाती है !
  • अक्सर गर्मी के मौसम में कीवी के बगीचे में रूट रोट, कॉलर रोट, क्राउन रोट आदि बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है ! कीवी के पेड़ ( Kiwi Plant ) की जड़ों में पानी भरने के कारण मिट्टी में फंगस के कारण ऐसा होता है !
  • उनकी रोकथाम के लिए जल निकासी की व्यवस्था करें ! और प्रभावित स्थानों पर जैविक कीटनाशकों और जीवाणुनाशक दवाओं का छिड़काव करें !

कीवी की खेती के व्यवसाय से आय

नए बाग लगाने के बाद कीवी के पौधे ( Kiwi Farming ) 4-5 साल में फलदार हो जाते हैं ! लेकिन लाभदायक खेती करने के बाद 6 से 7 साल में फल देना शुरू कर देते हैं ! बड़े फलों को पहले बाजार में बेचने के लिए काटा जाता है और उचित पैकेजिंग ( Harvesting & Packaging of Fruits ) द्वारा बाजार में पहुँचाया जाता है !

बता दें कि फलों को सख्त अवस्था में तोड़ा जाता है ! ताकि ये फल बाजार में पहुंचते-पहुंचते नरम या खराब न हो जाएं ! बाजार में कीवी फल 20 रुपये प्रति फल से लेकर 35 रुपये प्रति पीस तक बिक ( Marketing of Kiwi ) रहे हैं ! इस तरह किसान महज 2 एकड़ जमीन पर कीवी की खेती कर हर साल आमदनी ( Income from Kiwi Farming ) ले सकते हैं !

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